बिहार

घर में छिपाकर रखा था 42 किलो गांजा, पुलिस की छापेमारी में अपाचे बाइक जब्त; आरोपी फरार

Kavita2
23 Sept 2026 1:59 PM IST
घर में छिपाकर रखा था 42 किलो गांजा, पुलिस की छापेमारी में अपाचे बाइक जब्त; आरोपी फरार
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नरपतगंज। नरपतगंज थाना पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पोसदाहा पंचायत के वार्ड संख्या नौ स्थित एक घर से 42 किलो 92 ग्राम गांजा बरामद किया है। मंगलवार को गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में पुलिस ने गांजा तस्करी में इस्तेमाल किए जाने के संदेह में एक अपाचे बाइक भी जब्त की है। हालांकि पुलिस टीम के पहुंचने की भनक लगते ही आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।

पुलिस को सूचना मिली थी कि पोसदाहा पंचायत के वार्ड संख्या नौ निवासी श्याम कर्ण उर्फ छोटू, पिता सुरेंद्र यादव के घर में बड़ी मात्रा में गांजा छिपाकर रखा गया है। सूचना में यह भी बताया गया था कि कथित तौर पर नेपाल से गांजा लाकर यहां रखा जाता है और बाद में अलग-अलग जगहों पर इसकी तस्करी की जाती है।

गुप्त सूचना पर पुलिस ने की छापेमारी

सूचना मिलने के बाद नरपतगंज थाना पुलिस ने मामले की पुष्टि के लिए कार्रवाई की योजना बनाई। इसके बाद पुलिस टीम पोसदाहा पंचायत के वार्ड संख्या नौ पहुंची और संबंधित घर पर छापेमारी की।

पुलिस को तलाशी के दौरान घर से बड़ी मात्रा में संदिग्ध गांजा मिला। बरामद सामग्री का वजन कराने पर कुल मात्रा 42 किलो 92 ग्राम पाई गई।

इतनी बड़ी मात्रा में गांजा मिलने के बाद पुलिस ने उसे जब्त कर लिया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की।

पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी फरार

पुलिस टीम जब छापेमारी के लिए पहुंची तो आरोपी मौके पर नहीं मिला। पुलिस के अनुसार उसे कार्रवाई की भनक लग गई थी और वह फरार होने में सफल रहा।

अब पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। आसपास के इलाकों में भी उसकी तलाश की जा रही है।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी अकेले इस कथित कारोबार में शामिल था या उसके साथ अन्य लोग भी जुड़े हुए हैं।

नेपाल से गांजा लाने की मिली थी सूचना

पुलिस को मिली सूचना के मुताबिक आरोपी कथित तौर पर नेपाल से गांजा लाकर अपने घर में छिपाकर रखता था। इसके बाद इसे आगे दूसरे स्थानों पर पहुंचाया जाता था।

नेपाल सीमा से जुड़े क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की अवैध आवाजाही रोकना सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बनी रहती है। ऐसे में पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद गांजा वास्तव में कहां से लाया गया था और इसकी आपूर्ति किन लोगों तक की जानी थी।

आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ से इस संबंध में और जानकारी सामने आ सकती है।

अपाचे बाइक भी जब्त

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से एक अपाचे मोटरसाइकिल भी जब्त की है। पुलिस को संदेह है कि इस बाइक का इस्तेमाल गांजा लाने या उसे अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाने में किया जाता था।

पुलिस बाइक के स्वामित्व और इसके इस्तेमाल से संबंधित जानकारी जुटा रही है। वाहन के दस्तावेजों की भी जांच की जा सकती है।

यदि जांच में बाइक का इस्तेमाल नशीले पदार्थों की तस्करी में होने की पुष्टि होती है तो इसे मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में शामिल किया जाएगा।

नेटवर्क का पता लगाने में जुटी पुलिस

42 किलो से अधिक गांजा मिलने के बाद पुलिस की जांच अब इसके संभावित नेटवर्क पर केंद्रित हो सकती है। इतनी मात्रा में गांजा किसी एक व्यक्ति तक सीमित था या इसके पीछे संगठित नेटवर्क काम कर रहा था, इसकी जांच की जा रही है।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गांजा किस रास्ते से संबंधित घर तक पहुंचाया गया और आगे इसकी सप्लाई कहां की जानी थी।

इसमें स्थानीय स्तर पर जुड़े संभावित संपर्कों और अन्य संदिग्ध लोगों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।

फरार आरोपी की तलाश तेज

आरोपी के फरार होने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी है। उसके रिश्तेदारों, परिचितों और संभावित ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस का प्रयास आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी हासिल करना है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बरामद गांजा कहां से आया था और इसकी तस्करी किन क्षेत्रों में की जानी थी।

पुलिस उसके पिछले रिकॉर्ड की भी जांच कर सकती है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह पहले भी किसी आपराधिक या मादक पदार्थ से जुड़े मामले में शामिल रहा है या नहीं।

घर को बनाया था कथित ठिकाना

प्रारंभिक सूचना के अनुसार आरोपी ने अपने घर को ही गांजा रखने के ठिकाने के रूप में इस्तेमाल किया था। कथित तौर पर बाहर से गांजा लाने के बाद उसे यहां छिपाया जाता था और जरूरत के अनुसार आगे भेजा जाता था।

आवासीय क्षेत्र में बड़ी मात्रा में गांजा बरामद होने के बाद स्थानीय स्तर पर भी मामला चर्चा में है।

पुलिस आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटा सकती है कि संबंधित घर में संदिग्ध लोगों या वाहनों की आवाजाही होती थी या नहीं।

गांजे की पैकिंग और सप्लाई की भी जांच

पुलिस बरामद गांजे की पैकिंग और अन्य पहलुओं की जांच के आधार पर इसके स्रोत तक पहुंचने की कोशिश करेगी। यदि गांजा अलग-अलग पैकेट में रखा गया था तो उससे इसकी आगे की सप्लाई की योजना के बारे में भी सुराग मिल सकते हैं।

जांच में मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल लेन-देन और आरोपी के संपर्कों की जानकारी भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

पुलिस के सामने अब मुख्य चुनौती फरार आरोपी को गिरफ्तार करना और गांजा तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क का खुलासा करना है।

सीमा से जुड़े रास्तों पर भी नजर

नेपाल सीमा के नजदीकी क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां समय-समय पर कार्रवाई करती रहती हैं।

इस मामले में भी पुलिस यह पता लगाएगी कि यदि गांजा नेपाल से लाया गया था तो उसे किस रास्ते से भारत में पहुंचाया गया। इसमें और कितने लोगों की भूमिका रही और परिवहन के लिए किन वाहनों का इस्तेमाल किया गया, यह जांच का विषय होगा।

गिरफ्तारी के बाद खुल सकते हैं कई राज

फिलहाल पुलिस ने 42 किलो 92 ग्राम गांजा और एक अपाचे बाइक जब्त कर ली है, जबकि आरोपी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

आरोपी के पकड़े जाने के बाद पूछताछ में गांजे के स्रोत, सप्लाई नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में अहम जानकारी मिलने की संभावना है।

नरपतगंज पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़े दूसरे संभावित ठिकानों पर भी नजर रखी जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और फरार आरोपी की तलाश जारी है।

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